श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र मन्दिर ट्रस्ट के चेहरे

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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र मन्दिर ट्रस्ट के चेहरे

मन्दिर ट्रस्ट के चेहरे

महंत नृत्य गोपाल दास : राम मन्दिर आन्दोलन में जिन प्रमुख सन्तों ने अयोध्या में सडक़ से लेकर न्यायालय तक संघर्ष किया, उनमें सबसे प्रमुख महंत नृत्य गोपाल दास हैं। महंत नृत्य गोपाल दास को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष पद की ज़िम्मेदारी सौंपी गयी है। दशकों से नृत्यगोपाल दास राम मन्दिर आन्दोलन के संरक्षक की भूमिका में रहे हैं। मन्दिर निर्माण के लिए चंदा जुटाने से लेकर कई काम इन्हीं के नेतृत्व में होते आये हैं। नृत्य गोपाल दास को 6 दिसंबर, 1992 को कारसेवकों के बाबरी मस्जिद ढहाये जाने की घटना के पहले और बाद में कांग्रेस, बसपा और सपा सरकारों की तरफ से कई तरह से विरोध सहना पड़ा।

चंपत राय : विहिप के उपाध्यक्ष चंपत राय लम्बे समय से राम मन्दिर आन्दोलन से जुड़े रहे हैं। राय के पास विहिप के विस्तार का ज़िम्मा भी रहा। चंपत राय को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव जैसे अहम पद की ज़िम्मेदारी सौंपी गयी है। ट्रस्ट की बैठक हो या राम मन्दिर से सम्बन्धित कोई मुद्दा, चंपत राय द्वारा ही अधिकृत किया जाता रहा है। राम मन्दिर आन्दोलन को राष्ट्रव्यापी जन आन्दोलन बनाने में चंपत राय की अहम भूमिका रही है।

के. परासरन : सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील के.परासरन श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में सदस्य हैं। परासरन लम्बे वक्त से सर्वोच्च न्यायालय में हिन्दू पक्ष की पैरवी करते आये हैं। मन्दिर के पक्ष में फैसला आने में इनका अहम योगदान रहा है। परासरन को पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे सम्मान भी मिल चुके हैं।

नृपेंद्र मिश्रा : अयोध्या में बनने जा रहे राम मन्दिर की सबसे महत्त्वपूर्ण ज़िम्मेदारी पूर्व आईएएस नृपेंद्र मिश्रा के पास है। मिश्रा राम मन्दिर निर्माण समिति के अध्यक्ष बनाये गये हैं। मिश्रा को निर्माण समिति का अध्यक्ष इसलिए बनाया गया है, ताकि मन्दिर तय सीमा में बिना किसी विवाद के साथ पूरी भव्यता के साथ तैयार हो सके। मिश्रा 1967 बैच के यूपी काडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं।

देव गिरि जी महाराज : स्वामी देव गिरी महाराज के पास श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की ज़िम्मेदारी है। मन्दिर निर्माण के लिए जुटाये जाने वाले चन्दे का पूरा लेखा-जोखा इन्हीं के पास है। वह रामायण, श्रीभगवत्गीता सहित पौराणिक ग्रन्थों का देश-विदेश में प्रवचन करते हैं। हिन्दी, अंग्रेजी, मराठी, गुजराती के साथ-साथ संस्कृत भाषा पर भी उनकी अच्छी पकड़ है। गीता परिवार की स्थापना उन्होंने ही की थी।

कामेश्वर चौपाल : कामेश्वर चौपाल बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में हैं। चौपाल राम जन्मभूमि आन्दोलन से जुड़े, फिर विहिप से जुड़े, बाद में भाजपा में आये। उन्हें श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दलित समुदाय के सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है। सन् 1989 के राम मन्दिर आन्दोलन के समय हुए शिलान्यास में चौपाल ने ही राम मन्दिर की पहली ईंट रखी थी।

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