भारत-चीन के बीच पिछले पीछले कुछ दिनों से लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर तनाव चल रहा है। इसे लेकर दोनों देशों के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर की बातचीत भी की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन की सेनाएं कुछ पीछे हट गई हैं।

बताया जा रहा है कि चीनी सैनिक दो किलोमीटर पीछे हट गए हैं और भारतीय सेना एक किलमीटर पीछे हट गई है। भारत और चीन की सेना फिंगर फोर इलाके में कई हफ्ते से एक दूसरे के सामने डटी हुई हैं। गलवान घाटी में फोर फिंगर क्षेत्र में भारत-चीन सैनिकों के बीच बीते कुछ दिनों से तनाव बना हुआ है। बताया जा रहा है कि यहां का पैंगोंग इलाका सबसे अधिक विवादों में है।
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन के बीच गुरुवार को पहला वचुर्अल सम्मेलन हुआ। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को और सशक्त करने के लिए यहउत्तम समय है, उत्तम मौका है। अपनी दोस्ती को और मज़बूत बनाने के लिए हमारे पास असीम संभावनाएँ हैं। भारत ऑस्ट्रेलिया के साथ अपने सम्बन्धों को व्यापक तौर पर और तेज़ गति से बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह न सिर्फ़ हमारे दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि ‘इंडो पेसिफिक’ क्षेत्र और विश्व के लिए भी आवश्यक है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारी सरकार ने इस संकट को एक अवसर की तरह देखने का निर्णय लिया है। भारत में लगभग सभी क्षेत्रों में व्यापक रिफ़ार्म की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। बहुत जल्द ही ग्राउंड लेवल पर इसके परिणाम देखने को मिलेंगे। वैश्विक महामारी के इस काल में हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी की भूमिका और महत्वपूर्ण रहेगी। विश्व को इस महामारी के आर्थिक और सामाजिक दुष्प्रभावों से जल्दी निकलने के लिए एक समन्वित और सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। इस कठिन समय में आपने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय का, और ख़ास तौर पर भारतीय छात्रों का, जिस तरह ध्यान रखा है, उसके लिए मैं विशेष रूप से आभारी हूं।

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