आज हम आपको जिस पुल के बारे में बताने जा रहे हैं उसमें खास बात है कि यह 100 साल पहले बना था। यह ब्रिज 1988 में बना था। इस अनोखे ब्रिज का नाम रामेश्वरम-पमबन ब्रिज है। यह भारत के अनोखे रेल रूट में से एक है। वहीं आज हम आपको इससे जुड़ी तमाम जानकारी बताने जा रहे हैं।

अगर समुद्रअशांत हो तो लहरें ऊपर तक भी आ जाती हैं यह ब्रिज इंजीनियरिंग का एक अनोखा नमूना है। 2009 तक यह भारत का सबसे लंबा समुद्री ब्रिज था। इस रेल रूट की खासियत ये है कि बहुत ही ज्यादा खूबसूरत है और इसके साथ ही ये भारत के कुछ खतरनाक ब्रिज में से एक माना जाता है।

वहीं अगर समुद्रअशांत हो तो लहरें ऊपर तक भी आ जाती हैं। ऐसा एहसास होगा कि ट्रेन समुद्र के ऊपर चल रही है आप जब इस ब्रिज से गुजरेंगे, तो आपकी आंखें जहां तक देख सकेंगी वहां तक आपको सिर्फ नीला पानी दिखाई देगा। वहीं आपको ऐसा एहसास होगा कि ट्रेन समुद्र के ऊपर चल रही है।

रामेश्वरम चेन्नई एक्सप्रेस से इस ट्रेन पर सफर कर सकते हैं ये रामेश्वरम तक पहुंचने के सबसे प्रसिद्ध मार्गों में से एक है। अगर आप यहां जाने का मन बना रहे हैं, तो आपको अपनी ट्रिप पहले से ही प्लान करनी होगी। क्योंकि इस रेल रूट पर ज्यादा ट्रेन नहीं जातीं हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आप रामेश्वरम चेन्नई एक्सप्रेस से इस ट्रेन पर सफर कर सकते हैं।

2007 में metre-gauge से broad-gauge में बदला गया है 1911 में इस ब्रिज को बनाने की शुरुआत हुई थी और इसमें से पहली ट्रेन 1914 में 24 फरवरी को शुरू हुई थी। वहीं साल 2007 में metre-gauge से broad-gauge में बदला गया है। आपको बता दें कि यह रूट इतना खास है कि इसे देखने और ट्रेन में ट्रेवल करने के लिए बाहर देश से लोग भी आते हैं।

 

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